मुंबई की एक पॉश कॉलोनी में, जहाँ रातें चमचमाती थीं और वासना की आग चुपके से सुलगती थी, वहाँ मैं, प्रिया, अपने छोटे भाई, रोहन, के साथ रहती थी। मैं 25 साल की थी, मगर मेरा जिस्म किसी 20 साल की लड़की को भी मात देता था। मेरी टाइट जीन्स में ढली जांघें, टॉप में उभरे रसीले बूब्स और गुलाबी होंठ हर मर्द के लंड में हलचल मचा देते थे। मेरी काली आँखों में एक शरारत थी, जो हर किसी को बेचैन कर देती थी। रोहन, 22 साल का, जिम में घंटों पसीना बहाने वाला लड़का था। उसका मस्कुलर जिस्म और 9 इंच का मोटा लंड कॉलेज की लड़कियों को पागल कर देता था, मगर उसकी नजरें हमेशा मुझ पर अटकती थीं।
हमारे मम्मी-पापा एक बिजनेस ट्रिप पर विदेश गए थे, और घर में सिर्फ़ मैं और रोहन थे। मैंने कई बार नोटिस किया था कि जब मैं नहाकर बाथरूम से बाहर आती, मेरे टॉवल में लिपटे जिस्म को रोहन की आँखें चाट जाती थीं। उसका लंड उसकी पैंट में तन जाता, और मैं जानबूझकर अपने बूब्स को और उभारती, ताकि उसकी बेचैनी बढ़े। मुझे उसकी वो भूखी नजरें अच्छी लगती थीं, और मेरी चूत में एक अजीब सी सिहरन उठती थी।
एक रात की शुरुआत
वो एक जून की गर्म रात थी। मुंबई में बारिश की फुहारें खिड़कियों पर गिर रही थीं, और घर का माहौल कामुकता से भरा था। मैं अपने रूम में एक पतली सी नाइटी पहने लेटी थी, जो मेरे बूब्स और टाइट चूत को मुश्किल से ढक रही थी। रोहन मेरे रूम में आया, सिर्फ़ एक शॉर्ट्स पहने हुए, उसका मस्कुलर सीना पसीने से चमक रहा था। “प्रिया दी, तू इतनी हॉट क्यों लग रही है?” उसने शरारत भरे लहजे में कहा, उसकी आँखें मेरे बूब्स पर टिकी थीं।
मैंने हँसते हुए कहा, “रोहन, तेरा 9 इंच का लंड मेरी चूत को बेचैन कर रहा है। कुछ कर ना।” मेरी बात सुनकर उसकी साँसें तेज हो गईं। वह मेरे पास आया और बोला, “दी, तू सचमुच मेरे लंड की भूखी है?” मैंने अपनी नाइटी का स्ट्रैप नीचे खिसकाया, और मेरे बूब्स का क्लीवेज साफ़ दिखने लगा। “तेरा लंड मेरी चूत का इंतज़ार कर रहा है, रोहन,” मैंने फुसफुसाते हुए कहा।
रोहन ने मुझे अपनी बाहों में खींच लिया और मेरे होंठों को अपने होंठों से चूस लिया। वो किस इतना गहरा और गर्म था कि मेरी चूत गीली हो गई। मैंने उसकी शॉर्ट्स उतार दी, और उसका 9 इंच का मोटा लंड मेरे सामने तनकर खड़ा था। “ये लंड तो मेरी चूत को फाड़ देगा,” मैंने शरारत से कहा, और उसे अपने हाथ में लेकर सहलाने लगी।
बेडरूम में वासना का तूफान
रोहन ने मेरी नाइटी फाड़ दी, और मैं सिर्फ़ अपनी काली लेस पैंटी में थी। मेरे रसीले बूब्स उसके सामने थे, और मेरी टाइट चूत उसकी आँखों के सामने गीली हो रही थी। उसने मेरे बूब्स को अपने हाथों में लिया और उन्हें जोर-जोर से दबाने लगा। “दी, तेरे बूब्स कितने रसीले हैं,” उसने कहा, और मेरे निप्पल्स को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा। मेरी सिसकारियाँ कमरे में गूँज उठीं। “हाँ, रोहन… और जोर से चूस… मेरे बूब्स को दबा,” मैंने चिल्लाते हुए कहा।
मैंने अपनी पैंटी उतार दी, और मेरी टाइट चूत रोहन के सामने थी, गीली और गुलाबी। उसने अपनी जीभ मेरी चूत पर फिराई, और मेरी चीखें कमरे में गूँज उठीं। “और तेज, रोहन… मेरी चूत को चाट,” मैंने चिल्लाया, और अपनी टाँगें और चौड़ी कर दीं। रोहन ने अपनी जीभ को मेरी चूत की गहराइयों में डाला, और मेरी कमर उछलने लगी।
मैंने रोहन को बेड पर धकेला और उसका 9 इंच का मोटा लंड अपने मुँह में लिया। मेरी जीभ उसके लंड पर लपलपाती रही, और रोहन की सिसकारियाँ तेज हो गईं। “दी, तेरा मुँह मेरे लंड को पागल कर रहा है,” उसने कहा, और मेरे बालों को कसकर पकड़ लिया। मैंने उसके लंड को और गहराई तक चूसा, और उसका रस मेरे मुँह में महसूस होने लगा।
चुदाई की रात
रोहन ने मुझे बेड पर लिटाया और मेरी टाँगें फैलाकर अपने 9 इंच के मोटे लंड को मेरी टाइट चूत में डाला। मैं चीख पड़ी, “रोहन, तेरा लंड मेरी चूत को फाड़ रहा है!” उसने धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू किए, और मेरी सिसकारियाँ और तेज हो गईं। “और जोर से, रोहन… मेरी चूत को फाड़ दे,” मैंने चीखते हुए कहा। उसने अपनी रफ्तार बढ़ाई, और हर धक्के के साथ मेरे बूब्स उछल रहे थे। मैंने उसके निप्पल्स को अपने मुँह में लिया, उन्हें चूसते और काटते हुए, और रोहन की सिसकारियाँ और तेज हो गईं।
उसने मुझे पलट दिया और डॉगी स्टाइल में चोदना शुरू किया। उसका मोटा लंड मेरी टाइट चूत में इतनी गहराई तक जा रहा था कि मेरे पूरे जिस्म में बिजली सी दौड़ रही थी। “हाँ, रोहन… और गहरा… मेरी चूत को रगड़ दे,” मैं चिल्ला रही थी। रोहन ने मेरे नितंबों को थपथपाया, और मेरी चीखें और तेज हो गईं।
पूरी रात, हमने एक-दूसरे के जिस्म को चखा। रोहन ने मुझे बेड के हर कोने में चोदा—कभी मेरी चूत को, कभी मेरे बूब्स को चूसते हुए, और कभी मेरे नितंबों को सहलाते हुए। मैंने उसके 9 इंच के लंड को बार-बार अपने मुँह में लिया, और मेरी जीभ ने उसे पागल कर दिया। “तेरा लंड मेरी चूत का राजा है, रोहन,” मैंने सिसकारी भरे लहजे में कहा, और उसे और जोर से चोदने के लिए उकसाया।
रात के तीन बजे, जब हम थककर बेड पर लेटे, मैंने रोहन के लंड को फिर से अपने हाथ में लिया। “ये अभी भी तना हुआ है,” मैंने शरारत से कहा, और उसे फिर से चूसने लगी। रोहन ने मुझे अपनी गोद में बिठाया और मुझे फिर से चोदना शुरू किया। इस बार, मैं ऊपर थी, और मेरी कमर हर धक्के के साथ लय में हिल रही थी। “तेरी टाइट चूत मेरे लंड को निचोड़ रही है, दी,” रोहन ने कहा, और मैंने अपनी रफ्तार और बढ़ा दी।
सुबह की संतुष्टि
जब सुबह की पहली किरण खिड़की से झाँकी, मैं और रोहन नंगे एक-दूसरे की बाहों में लेटे थे। मैंने उसके सीने पर सिर रखा और फुसफुसाया, “रोहन, तेरे 9 इंच के लंड ने मेरी चूत को पूरी तरह संतुष्ट कर दिया। ये चुदाई मेरे जिस्म में हमेशा रहेगी।” रोहन ने मेरी आँखों में देखा और कहा, “दी, तेरी टाइट चूत मेरे लंड की गुलाम बन गई है।”
मैंने एक आखिरी बार उसके होंठों को चूमा, अपनी नाइटी पहनी, और एक मादक मुस्कान के साथ बोली, “मम्मी-पापा अगले हफ्ते फिर बाहर जाएँगे। मेरी चूत तेरा इंतज़ार करेगी।” रोहन ने मेरी कमर पकड़ी और कहा, “तो मेरा 9 इंच का लंड हाजिर रहेगा।”
जैसे ही मैं कमरे से बाहर निकली, मैंने पलटकर देखा और कहा, “ये रात हमारी थी, रोहन। लेकिन ये खेल अभी खत्म नहीं हुआ।” रोहन जानता था, मेरी टाइट चूत की आग उसके 9 इंच के लंड में हमेशा सुलगती रहेगी।