मेरा नाम अनन्या है। अब मैं २४ की हूँ, शहर में ग्राफिक डिजाइनर की जॉब करती हूँ, अपनी छोटी सी क्रिएटिव दुनिया में मस्त। लेकिन वो शाम… जब मेरी चूत में पहली बार लंड गया… आज भी याद करती हूँ तो नीचे अपने आप गीला हो जाता है, जैसे वो दर्द और वो सुकून फिर लौट आया हो। मुझे आज भी याद है वो गरमाहट, वो धीरे-धीरे अंदर जाता हुआ लंड, वो आँसू जो दर्द से निकले लेकिन मजा इतना कि रुकना नहीं चाहती थी। उसका नाम साहिल था, मेरा बेस्ट फ्रेंड, कॉलेज से। २६ का, फोटोग्राफर, घूमने वाला, लंबा, दुबला लेकिन बॉडी टोन्ड। हम पाँच साल से दोस्त थे, लेकिन पिछले एक साल से कुछ और हो गया था। फोन पर देर रात बातें, फ्लर्टिंग, कभी गले लगना जब मिलते। मैं कुंवारी थी, साहिल को पता था। वो कभी प्रेशर नहीं डालता, बोलता, “अनन्या… जब तू तैयार हो।” लेकिन मन में आग लगी रहती थी। रात को उसके मैसेज पढ़कर उँगली करती उसके नाम पर।
वो शाम थी पिछले नवंबर की। ठंड शुरू हो गई थी, लेकिन दिल गरम। मैं अपने फ्लैट पर अकेली थी, रूममेट बाहर गई थी। साहिल को बुलाया, कहकर कि डिनर साथ करेंगे। वो आया, ब्लैक जैकेट में, हैंडसम लग रहा था। हमने साथ खाना बनाया – पास्ता, वाइन। बातें होती रहीं, पुरानी यादें, हँसी-मजाक। वाइन का असर हुआ, हम करीब आ गए सोफे पर। साहिल ने मेरा हाथ पकड़ा, बोला, “अनन्या… तू कितनी सुंदर है यार। कितने टाइम से तुझे छूना चाहता हूँ।” मैं शर्मा गई, लेकिन दिल धड़क रहा था। मैंने कहा, “साहिल… आज… कर लें?” वो चौंका, फिर मुस्कुराया। बोला, “पक्का? डर मत लगेगा?” मैंने हाँ कहा।
वो मुझे गोद में उठाया, बेडरूम में ले गया। लाइट ऑफ की, सिर्फ बेडसाइड लैंप जल रहा था। मेरी कुर्ती उतारी। ब्रा लेस वाली, चूचियाँ बाहर आने को। ब्रा खोली। साहिल ने देखा, बोला, “अनन्या… कितनी परफेक्ट हैं तेरी चूचियाँ।” मुँह में लिया, चूसा। निप्पल्स पर जीभ घुमाई। मैं तड़प रही थी, “साहिल… आह… चूस… मजा आ रहा है…” मेरी चूत गीली हो गई थी। उसका हाथ नीचे, जींस के अंदर। पैंटी तर। उँगलियाँ चूत पर फेरीं। बोला, “अनन्या… कितनी गीली हो गई… तेरी चूत जल रही है।” एक उँगली अंदर डाली। मैं सिसकारी, “साहिल… और…” वो दो उँगलियाँ डालकर चलाने लगा। मैं कमर उठा रही थी। झड़ गई, रस उसके हाथ पर।
फिर मैंने उसकी जैकेट उतारी, शर्ट। छाती पर किस किया। नीचे जींस। लंड बाहर – मोटा, सीधा, टिप पर बूंद। मैंने हाथ में लिया, सहलाया। गरम लग रहा था। साहिल कराहा, “अनन्या… चूस ना…” मैंने मुँह में लिया। पहली बार, थोड़ा अटका, लेकिन चूसा। जीभ टिप पर। साहिल ने मेरे बाल पकड़े, “आह… अनन्या… तेरी मुँह कमाल है…” फिर वो नीचे आया। जींस और पैंटी उतारी। मेरी चूत पर किस किया। जीभ से चाटने लगा। क्लिट पर चूसा। मैं चिल्ला रही थी, “साहिल… चाट… तेरी दोस्त की चूत चाट… आह…” वो चाटता रहा, उँगलियाँ अंदर। मैं फिर झड़ी, पैर काँप गए।
फिर वो ऊपर आया। लंड मेरी चूत पर रगड़ा। बोला, “अनन्या… तैयार? पहली बार दर्द होगा।” मैं डर रही थी, लेकिन बोली, “हाँ साहिल… डाल… मैं तेरी हूँ आज।” वो धीरे से टिप अंदर की। दर्द हुआ, जैसे चीरा लग रहा हो। मैं चीखी, “आह… साहिल… रुक…” वो रुका, किस किया, चूचियाँ दबाई। बोला, “रिलैक्स बेबी… साँस ले।” फिर धीरे आगे। आधा गया। दर्द बहुत, आँसू निकल आए। बोली, “साहिल… नहीं… फट रही हूँ…” वो बोला, “अनन्या… थोड़ा और… मैं धीरे करूँगा।” फिर एक हल्का झटका। पूरा लंड अंदर। जब मेरी चूत में पहली बार लंड गया… वो पल… दर्द जैसे आसमान फट गया, लेकिन साथ में एक भरावट। खून थोड़ा निकला। मैं रो रही थी। साहिल रुका, मुझे गले लगाया, सहलाया। बोला, “सॉरी अनन्या… अब मजा आएगा, प्रॉमिस।”
कुछ देर बाद वो धीरे मूव करने लगा। दर्द कम हुआ, एक अजीब सी खुजली शुरू हुई। मेरी चूत लंड को महसूस कर रही थी – हर नस, हर धक्का। मैंने कमर हिलाई। साहिल बोला, “हाँ बेबी… अब मजा आ रहा ना?” मैंने हाँ कहा। वो तेज हुआ। धक्के मारने लगा। मेरी चूचियाँ उछल रही थीं, वो चूसता। मैं बोली, “साहिल… जोर से… अब अच्छा लग रहा है… चोद मुझे…” वो पागल हो गया। तेज-तेज। बेड की आवाजें, मेरी सिसकारियाँ। मैं नाखून उसकी कमर में गड़ा रही थी। आखिर में वो बोला, “अनन्या… झड़ रहा हूँ…” मैंने कहा, “अंदर… भर दे…” वो अंदर झड़ा। गर्म वीर्य मेरी चूत में फैला। मैं भी काँपकर झड़ी, पहली बार लंड से।
हम चुप लेटे रहे। साहिल बोला, “अनन्या… तू कमाल है। टाइट इतनी कि क्या बताऊँ।” मैं दर्द में थी नीचे, लेकिन मुस्कुराई। बोली, “साहिल… दर्द हुआ बहुत, लेकिन अब सुकून है।” उस रात हम तीन बार और किए। दूसरी बार दर्द कम था, मैं ऊपर आई, खुद लंड पर बैठी। धीरे-धीरे कमर हिलाई। साहिल मेरी कमर पकड़कर मदद कर रहा था। मजा अलग था। तीसरी बार डॉगी में – वो पीछे से डाला, गांड पर थप्पड़ मारे। मैं चिल्लाई मजा से। सुबह उठते ही शावर में। पानी के नीचे खड़े-खड़े चुदाई। मेरी चूत सूजी हुई थी, लेकिन रुक नहीं पाई।
उसके बाद हमारी दोस्ती प्यार में बदल गई। जब भी मिलते, चुदाई। लेकिन छह महीने बाद ब्रेकअप हो गया – करियर के चक्कर में अलग शहर। लेकिन वो पहली बार… जब मेरी चूत में पहली बार लंड गया… कभी नहीं भूलूँगी। दर्द था, लेकिन वो प्यार, वो कनेक्शन… मेरी जिंदगी का सबसे खूबसूरत राज़। अब नई लाइफ है, लेकिन वो यादें… कभी-कभी अकेले में उँगली करती हूँ उन पर। आज लिखकर लगा जैसे फिर जी रही हूँ वो पल। शायद ये सीक्रेट हमेशा मेरा रहे।
जब मेरी चूत में पहली बार लंड गया Hot Video Indian Women