जबरदस्ती बाथरूम में घुसकर मुझे चोदा मेरा देवर

Bhabhi ki Antarvasna, Bhabhi aur Devar Sex, Bhabhi ki Chudai, आप की चाल चलन ही तय करता है कि लोग आपके साथ कैसा व्यवहार करें। अगर आप ज्यादा मॉडर्न बनेंगे ज्यादा खूबसूरत बनेंगे ब्यूटी पार्लर जाएंगे मोबाइल पर दिन भर बात करेंगे। तो लोग समझेंगे कि आप खुले दिमाग के हैं और फिर आप खुले दिमाग के रहे या ना रहे हैं। पर आपको लोग कुछ अलग ही निगाह से देखने लगेंगे और इसका खामियाजा आप को भुगतना पड़ेगा। मेरे साथ भी यही हुआ आज मैं आपको अपने सेक्स कहानी सुनाने जा रहे हो यह मेरी पहली कहानी है मेरी सेक्स कहानी डॉट कॉम पर आशा करती हू, मैं आपको अपनी कहानी से संतुष्ट कर पाऊं।

इस कहानी का जो पात्र है वह मैं हूं और मेरा छोटा देवर है। मेरी उम्र 29 साल है और मेरे देवर का उम्र 24 साल है। मेरे पति का जब एक्सीडेंट हुआ तो उनका मानसिक संतुलन खराब हो गया जिस वजह से हम दोनों के रिश्तो में भी फर्क पड़ गया। वह बहुत ज्यादा गुस्सा करते हैं जो जलाते हैं मानसिक स्थिति ठीक नहीं है तो वह सही तरीके से बात भी नहीं करते हैं और जब यह सब हो तो आपको ही पता है दोस्तों उनकी सेक्स हालत कैसी होगी मैं बिल्कुल भी उनसे संतुष्ट नहीं हो पा रही हूं 2 साल से। मेरा उनसे संतुष्ट नहीं हो पाना किसी और के तरफ झुकाव हो ना आप समझ सकते हैं। पर मैंने कभी अपने देवर जो मेरे से मेरे से छोटा है उसके तरफ में कभी मेरा झुकाव नहीं रहा। मेरा झुकाव पड़ोस के सतीश जी के तरफ था।

जहां तक मैं अपने देवर की बात करूं तो वह हंसी मजाक करता था और मैं भी करती थी क्योंकि वह देखने में बहुत सुंदर है गठीला बदन हैं तो ध्यान तो आकर्षित कभी-कभी हो ही जाता और मजाक भी कर देती थी मैं उसे मजाक का उसने भरपूर फायदा उठाया। तीज के दिन की बात है जिस दिन तीज था यानी कि 30 अगस्त 2022 . तीज के दिन में खूब सजी सबरी क्योंकि आपको भी पता होगा दोस्तों सब लोग उस दिन सजते हैं ताकि पति की आयु ज्यादा हो और पति को अपनी तरफ आकर्षित कर सके पर मेरा पति तो मेरी तरफ आकर्षित क्या होगा उसका तो दिमाग ही खराब है।

इसका फायदा मेरा देवर उठाने की कोशिश किया वह मेरे लिए वह सब काम किया तीज के दिन जो पति को करनी चाहिए मुझे पता था किसके लिए ठीक नहीं है पर दोस्तों कई बार ऐसा होता है कि आप वह चीज भी कर जाते हैं जो आपको नहीं करनी चाहिए थी पसंद नहीं रहते हुए भी मैं देवर के करीब आ ही रही थी धीरे-धीरे पर हमें समय लेती इतना जल्दी नहीं आती।

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मेरे घर में मैं मेरे पति के अलावा बस मेरा देवर ही है दोपहर का समय था मैं बाथरूम में गई थी ताकि मैं तैयार हो जाओ अच्छे से तो मैं अपना ब्लाउज अपने बेड पर ही भूल गई थी। अब मैं सारे अपने कपड़े खोल चुकी थी तो बाहर जाना मुश्किल था तो मैंने थोड़ा सा दरवाजा बाथरूम का खोलकर अपने देवर को बुलाया संजय मेरा ब्लाउज बाहर रखा हुआ है क्या तुम लाकर दे सकते हो। उसने कहा जी भाभी मैं अभी लेकर आता हूं और वह मेरा ब्लाउज लेकर आ गया मैं थोड़ा सा बाथरूम का दरवाजा खुला और हां तो बढ़ाई पर सामने मेरे बाथरूम में बड़ा सा ऐनक है जिससे वह मुझे देख लिया मैं नंगी खड़ी थी।

जैसे ही उसने मेरे पूरे शरीर को देखा वह पागल हो गया तो दरवाजे पर धक्का लगा कर अंदर आने लगा मैंने बोला क्या कर रहे हो। उसने बोला भाभी मुझे अंदर आने दो प्लीज अंदर आने दो मुझे अंदर आने दो मैंने आपको देख लिया है शीशा में सब कुछ दिखाई दे रहा है मैं देख लिया आपको और मैं आपको प्यार करना चाहता हूं मैं पहले से प्यार करता था आपको पर आज मुझे अपनी बाहों में भर लो आज मुझे अपनी खूबसूरत अंगों को दिखा दो मैं किसी को कभी कुछ नहीं बताऊंगा। . मुझे पता है भैया आपको खुश नहीं रख पा रहे हैं तो मैं वादा करता हूं मैं आपको खुश रखूंगा आपको कभी किसी चीज की कमी नहीं होने दूंगा मैं आपको एक पति से ज्यादा प्यार करूंगा और वह सब लाकर दूंगा जो भैया लाकर नहीं देते हैं।

सच बताऊं दोस्तों मुझसे बोल रहा था उसे मेरा दिल पिघल गया मुझे लगा शरीर तो शरीर है देख लेगा तो क्या होगा। मैं अंदर से बोली सिर्फ मेरे शरीर को देखकर बाहर निकल जाओगे तो मैं तुम्हें अंदर आने दूंगी वरना अगर कुछ करना चाह रहे हो तो मैं तुम्हें अंदर आने नहीं दूंगी। उसने कहा ठीक है भाभी आप जैसे कहोगे वैसा ही होगा आप जो कहोगे वही मैं करूंगा बस आपके बदन को निहार कर मैं बाहर निकल जाऊंगा। उसको मैंने अंदर आने दिया अंदर आते ही सबसे पहले वह मेरे को ऊपर से नीचे तक देखा ऐसा लग रहा था उसकी निगाहें मुझे आर पार कर रही थी।

मैंने कहा चलो अब बाहर सब कुछ देख लिए हो अब चलो बाहर उसने कहा 1 मिनट और रुक जाओ मैं आपकी चूचियों को छू लूं। मैंने कहा नहीं देखने की बात मैंने की थी और मैंने अपने पूरा शरीर दिखा दिया। पर वह मेरे करीब आकर मेरे निप्पल को छूने लगा मैं मना नहीं कर पाई दोस्तों क्योंकि सच तो बात यह है। जब वह मेरे शरीर को देख रहा था मेरी चुचियों को देख रहा था मेरी गांड को देख रहा था मेरे होंठ को देख रहा था उसका लंड खड़ा हो रहा था। ऐसा मुझे महसूस हो रहा था कि उसका लंड करीब 10 इंच का होगा आज तक मैंने इतना मोटा लंड नहीं देखा था ऐसा महसूस हो रहा था मुझे। तभी उसने मेरे चुचियों को दबोच लिया।

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उसने मेरे चूचू को दबोचा मेरे अंदर की कामवासना जाग उठी मैंने तुरंत उसका लौड़ा पकड़ लिया। अब वह मेरे करीब आ गया और मेरे बाल को पकड़कर मेरे होंठ को देखने लगा। मैं उस समय अपना सारे सुध बुध खो बैठी थी। . मुझे पता ही नहीं चला कि कब मैंने उसको अपनी बाहों में भर लिया और उसने भी मुझे अपनी बाहों में भर लिया। हम दोनों एक दूसरे को चूमने लगे बदन को सहलाने लगे। हम दोनों की धड़कन ए बढ़ गई थी सांसे तेज तेज चलने लगी थी। जैसे ही उसने अपने हाथ को मेरी चूत पर रखा मैं पागल हो गई दोस्तों हूं।

परंतु उसके लंड को पकड़ कर अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगी मैं नीचे बैठ गई वह खड़ा था। वह मुझे बाल को पकड़ कर अपना ल** होले होले से मेरे मुंह में दिए जा रहा था और मैं बस उसको आइसक्रीम की तरह चूस रही थी। पर मैं अपने आप को बर्दाश्त नहीं कर पाई दोस्तों मैं तुरंत खड़ी हो गई और उसको बैठा दिया और अपना दोनों पैर अलग-अलग करके उसके बाल को पकड़कर अपनी चूत में सटा ली और बोली चाटो। मैं खड़ी थी वह बैठा हुआ था और वह बैठते बैठते मेरे चूत चाटने चाटने लगा।

5 मिनट तक मेरी चूत को चाटते रहा। अब मुझे उसका लंड अपनी चूत के अंदर लेना था मैं नीचे लेट गई फर्श पर ही फर्श भीगी हुई थी। मैंने अपने दोनों पैरों को अलग अलग कर दिया उसने तुरंत ही अपना लंड पकड़ कर मेरे चूत पर सटाया और जोर से घुसा दिया। पूरा लंड मेरी चूत के अंदर समा गया दोस्तों अब वो जोर जोर से चोदने लगा वह जोर जोर से धक्के देने लगा बाथरूम में ऐसे भी ज्यादा आवाज आती है सच सच की आवाज होने लगी मैं कराने लगी मैं अंगड़ाइयां लेने लगी। वह जोर जोर से धक्का देने लगा मैं गांड घुमा घुमा कर हिला हिला कर उसके लंड को अपने अंदर लेती रही।

इतने छोटे जगह में मैं वह हर एक पोज ट्राई कर ली जो लोग बेड पर भी नहीं करते मैं घोड़ी बनकर उसे चुदी। एक टांग ऊपर करके पीछे से आगे से बैठकर मैंने सारे पोज आधे घंटे में ही ट्राई कर लिए। सच बताता हूं दोस्तों बाथरूम में सेक्स करने का मजा ही कुछ और है कभी आप भी ट्राई करके देखना मजा आ जाएगा जैसा कि मैं खूब मजे ले थी उस दिन। मेरा देवर मुझे संतुष्ट कर गया. कहां मैं एक पड़ोसी को पटाने वाली थी पर अब उसकी जरूरत नहीं है 10 इंच का लंड और गठीला बदन मेरे लिए और मेरी वासना के लिए मेरी अंतर्वासना की आग बुझाने के लिए काफी है।

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उसने मुझे जमकर चोदा मैं खुश हो गई दोस्तों मुझे ऐसा लगा कि अच्छा हुआ पति की मानसिक संतुलन खराब है और वह सेक्स नहीं कर पाता है अगर मेरा पति सेक्स कर पाता तो मैं 4 इंच के लंड में ही संतुष्ट रहती। पर आज मैं 10 इंच का लैंड अपनी चूत में लेकर खुश हूं। इसलिए कभी-कभी भगवान जो करते हैं अच्छा ही करते हैं। आजकल मैं बहुत खुश हूं अब मुझे भगवान ने वह सारे कुछ दे दिया। जो मुझे चाहिए। मैं अपने देवर से ही खुश हूं वह मुझे चोदता है वह मुझे गांड मारता है वह मुझे खुश करता है। मैं उसके लैंड को चुस्ती हूं वह मेरी चूत को चूसता है वह मेरी बातों को समझता है वह मुझे प्यार करता है मेरी वासना की आग को बुझा ता है और सबसे बड़ी बात यह है दोस्तों जब मैं घर के बाहर किसी मर्द को झांक नहीं रही हूं क्योंकि घर में ही मेरा देवर है, जो मुझे खुश कर रहा है तो इससे ज्यादा मुझे कुछ नहीं चाहिए।

दोस्तों यह थी मेरी सेक्स कहानी उम्मीद करती हूं आपको अच्छी लगी होगी सेक्सी लगी होगी आप ऐसे ही मेरी कहानियों को पढ़ते रहें मैं और भी कहानियां इस वेबसाइट पर लिखूंगी आप से अनुरोध करूंगी कि आप रोजाना आकर मेरी कहानियों को पढ़ हैं ताकि मैं और भी ज्यादा सेक्सी हो जाऊं और आपको कहानियां सुनाओ तब तक के लिए आप को मेरा प्यार भरा प्यार।

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